Saket Gupta Saaki

Saket Gupta Saaki

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Saket Gupta Saaki shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saket Gupta Saaki's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

सोचता हूँ बस बदल डालूँ मुक़द्दर अब मैं अपना कुछ बदल पाता नहीं मैं क्यूँँ कि मैं बस सोचता हूँ — Saket Gupta Saaki
मैं क़त्ल कर दूँ आज ही दुश्मन का जी किया फिर मैं ने ख़ुद ही अपना गिरेबाँ पकड़ लिया — Saket Gupta Saaki

Ghazal

हमारी आँख में आया तो क्या बेकार है आँसू तुम्हारी आँख में लेकिन सही हथियार है आँसू नदी मिलती है दरिया से तो रोती है सिसक कर वो तभी दरिया के खारेपन का ज़िम्मेदार है आँसू न हम को इश्क़ होता है न कोई तोड़ता है दिल बहुत दिन से हमारी आँख में बेज़ार है आँसू अगर जो हुक्म दिल का हो कि झूठा मुस्कुराना है नहीं आँखों में आता है बहुत ख़ुद्दार है आँसू उसे आना ख़ुशी में है या उस को ग़म में आना है नज़ाकत वक़्त की समझे सलीक़ेदार है आँसू तेरा ग़म चाटता है मुझ को दीमक की तरह उस पर बड़ा सा एक ग़म ये भी कि अब दुश्वार है आँसू फ़क़त इक चोट बस कर दो हमारे दिल पे तुम साक़ी हमेशा की तरह पाओगे फिर तैयार है आँसू — Saket Gupta Saaki
पुराने फल झटक डाले थे जिन मग़रूर शाख़ों ने न उन पर गुल कभी आए सज़ा जो दी बहारों ने किसी के पाँव में रहना भी तन्हाई से बेहतर है मुसाफ़िर जब नहीं आया कहा हम सेे ये रस्तों ने खिलौने ला न पाए हम तो हम सेे हो गए ग़ुस्सा उसूलों की यहाँ क़ीमत नहीं समझी थी बच्चों ने जो बच्चे शहर जाएँगे न लौटेंगे कभी वापस बताया गाँव में बिछती हुई इन तेज़ सड़कों ने बने हैं खाद मर कर भी कि फल डाली पे आ पाएँ दरख़्तों को बचाया है दरख़्तों के ही पत्तों ने गए हाथों से जब बच्चे हमें ये तब समझ आया हमें क्यूँँ डोर से बाँधा था इस घर के बुज़ुर्गों ने — Saket Gupta Saaki