मर गया हूँ मैं किसी की आशिक़ी में
    लाश है बस जिस्म मेरी ज़िंदगी में
    Tiwari Jitendra
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    कुछ अधूरे से ख़्वाब मिलते हैं
    प्यार में बस अज़ाब मिलते हैं

    हमने दरिया निचोड़ डाला है
    उसको आँखों से आब मिलते हैं

    उम्र भर प्यार कौन करता है
    वक़्त रहते गुलाब मिलते हैं

    चैट पे कब तलक गुज़ारें दिन
    उसने बोला जनाब मिलते हैं

    देखने को जिसे चला आया
    वो पहन कर हिजाब मिलते हैं
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    Tiwari Jitendra
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    अब पढ़ाई लिखाई से मन भर गया
    ये रिलेशन समझ यार पाते नहीं
    Tiwari Jitendra
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    मिला है दुख सदा मुझको मेरा दुख से ये नाता है
    मिरे ख़ुद घाव में मरहम लगा कर दुख सुलाता है
    Tiwari Jitendra
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    चलो करके देखेंगे इज़हार अब की
    मुहब्बत न होगी अदावत तो होगी
    Tiwari Jitendra
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    कभी तो मुझे छोड़ जाओगे तुम भी
    कहोगे मुझे अब कि फुर्सत नहीं है

    भला इस तरह क्यों सताने लगे हो
    कहीं छोड़ जाने की हसरत नहीं है
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    Tiwari Jitendra
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    अदावत मुहब्बत रफ़ाक़त नहीं है
    हमे तुमसे कोई शिकायत नहीं है

    दिलों को लगाने लगे हो जहांँ तुम
    वहाँ तो किसी को मुहब्बत नहीं है
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    Tiwari Jitendra
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    झूठ बोला नहीं रहोगे तुम
    सच अभी झूठ से नहीं डरता
    Tiwari Jitendra
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    नफ़रतों के दौर में तुम ये ख़ता करते रहो
    दुश्मनों से दिल लगाओ कुछ वफ़ा करते रहो
    Tiwari Jitendra
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    मौत का क्या किसे छूकर निकल जाए
    कुछ दुआएँ रखो तुम मौत टल जाए
    Tiwari Jitendra
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