अदावत मुहब्बत रफ़ाक़त नहीं हैहमें तुम से कोई शिकायत नहीं हैदिलों को लगाने लगे हो जहाँ तुमवहाँ तो किसी को मुहब्बत नहीं है— Tiwari Jitendra