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Top 10 of
Adil Mansuri
GHAZAL
सोए हुए पलंग के साए जगा गया
खिड़की खुली तो आसमाँ कमरे में आ गया
Adil Mansuri
10
GHAZAL
मुझे पसंद नहीं ऐसे कारोबार में हूँ
ये जब्र है कि मैं ख़ुद अपने इख़्तियार में हूँ
Adil Mansuri
9
SHER
मुझे पसंद नहीं ऐसे कारोबार में हूँ
ये जब्र है कि मैं ख़ुद अपने इख़्तियार में हूँ
Adil Mansuri
8
SHER
दरिया के किनारे पे मिरी लाश पड़ी थी
और पानी की तह में वो मुझे ढूँड रहा था
Adil Mansuri
7
SHER
फूलों की सेज पर ज़रा आराम क्या किया
उस गुल-बदन पे नक़्श उठ आए गुलाब के
Adil Mansuri
6
SHER
जो चुप-चाप रहती थी दीवार पर
वो तस्वीर बातें बनाने लगी
Adil Mansuri
5
SHER
क्यूँँ चलते चलते रुक गए वीरान रास्तो
तन्हा हूँ आज मैं ज़रा घर तक तो साथ दो
Adil Mansuri
4
SHER
कोई ख़ुद-कुशी की तरफ़ चल दिया
उदासी की मेहनत ठिकाने लगी
Adil Mansuri
3
SHER
चुप-चाप बैठे रहते हैं कुछ बोलते नहीं
बच्चे बिगड़ गए हैं बहुत देख-भाल से
Adil Mansuri
2
SHER
किस तरह जमा कीजिए अब अपने आप को
काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के
Adil Mansuri
1
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