Anfal Rafique

Anfal Rafique

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Anfal Rafique shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Anfal Rafique's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

इक महरूमी है कुछ देख न पाना भी इक शय देखते रहना भी मा'ज़ूरी है — Anfal Rafique
सब कुछ पहले जैसा लगने लगता है हम में जैसे इक मैसेज की दूरी है — Anfal Rafique
कभी होगी नहीं होगी अगर होगी तो कब होगी वो इक दस्तक कि जिस के वास्ते हम दर बनाते हैं — Anfal Rafique
छोड़ जाएँगे किसी दिन ये बताते ही नहीं ये बताते ही नहीं अपना बनाते हुए लोग — Anfal Rafique
एक बहाना चाहिए था बस ख़ुद से बाहर आने का उन आँखों में ख़ुद को देखा सोचा मौसम अच्छा है — Anfal Rafique

Ghazal

किसी की आँख से देखा हुआ मंज़र बनाते हैं अगरचे इस तरह बनता नहीं है पर बनाते हैं कभी होगी नहीं होगी अगर होगी तो कब होगी वो इक दस्तक कि जिस के वास्ते हम दर बनाते हैं समुंदर की तरफ़ जिस में खुली रहती हो इक खिड़की हम ऐसे लोग ख़्वाबों में ही ऐसा घर बनाते हैं कभी इस दिल को आईना बनाया था तेरे होते सो तेरे लौट आने तक इसे पत्थर बनाते हैं अगर आँखें बनाना हों तो पहले दिल ज़रूरी है अगर पाँव बनाना हों तो पहले सर बनाते हैं न-जाने किस तरफ़ से अब वो दस्तक देने आ जाए हर इक जानिब से दीवारें गिरा कर दर बनाते हैं उसी के गिर्द रक्खा है मदार अपने ख़यालों का वही तो है जिसे हम ज़ात का मेहवर बनाते हैं हमें बनने सँवरने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती तेरी आँखों के आईने हमें सुंदर बनाते हैं इसी डर से किसी भी नक़्श पर मेहनत नहीं करते कि बिल-आख़िर बिगड़ जाता है जो बेहतर बनाते हैं — Anfal Rafique
कुछ बचाने के लिए उम्र गँवाते हुए लोग ख़र्च हो जाएँगे ये ख़्वाब कमाते हुए लोग भूल जाते हैं कि अब याद नहीं रखना मुझे मेरा क़िस्सा मुझे आ आ के सुनाते हुए लोग इक तवक़्क़ो' का बहर-हाल भरम रखते हैं रूठने वालों को हर बार मनाते हुए लोग छोड़ जाएँगे किसी दिन ये बताते ही नहीं ये बताते ही नहीं अपना बनाते हुए लोग तेरी दहलीज़ पे कुछ फूल नहीं ख़ुद को भी छोड़ आते हैं तेरे शहर से जाते हुए लोग हर तअल्लुक़ में यही ख़ौफ़ कि बस अब के गया हम फ़सीलों की दराड़ों को छुपाते हुए लोग सो नहीं पाएँगे कमरे में अँधेरा कर के जागती आँख में मंज़र को सुलाते हुए लोग ख़ुश-लिबासी भी है पर्दा किसी महरूमी का जिस्म से रूह के आज़ार छुपाते हुए लोग — Anfal Rafique