10
7 Likes
कट गईं वो भी पतंगें जिन के माँझे तेज़ थे
तुम भी ज़्यादा उड़ रहे हो हश्र अपना सोच लो
तुम भी ज़्यादा उड़ रहे हो हश्र अपना सोच लो
9
7 Likes
किसी को रात में सर पर मुयस्सर छत नहीं होती
किसी छत के भी सर पे छत बनी होती है क्या समझे
किसी छत के भी सर पे छत बनी होती है क्या समझे
7
7 Likes
6
9 Likes
5
8 Likes
शमा' जलाने को सब हैं कहते बहुत अँधेरा बिखर रहा है
हटा दो ज़ुल्फ़ें हुआ उजाला जरा सा हँस दो हुआ सवेरा
हटा दो ज़ुल्फ़ें हुआ उजाला जरा सा हँस दो हुआ सवेरा
4
7 Likes
3
7 Likes
कुछ रिश्ते कुछ रिश्तों जैसे होते नइंँ
रख लो सिर मेरे कंधे पर रोते नइंँ
रख लो सिर मेरे कंधे पर रोते नइंँ
ख़ुद ही मारो ख़ुद ही ख़ुद में मर जाओ
ख़ुद की लाशें ख़ुद कंधों पर ढोते नइंँ
क़स
में वादे झूठे मूठे चक्कर हैं
ख़ातिर इन की हम जैसे को खोते नइंँ
दिन भर तुम को नींद बहुत ही आती है
जगने वाले रात पहर भर सोते नइंँ
चढ़ जाने दो रंग को रेशों रेशों पर
कच्चा रंग है ऐसे कपड़े धोते नइंँ
सींचो अपने ख़ून पसीने से मिट्टी
ऐसे ही बंजर में दाने बोते नइंँ
तेरी आँखें उस पर गहरी सागर सी
डूब मरोगे इन आँखों में गोते नइंँ
2
6 Likes










