छोड़ कर मत जाओ मुझको यार रुसवा मत करो
इश्क़ में हाथों से मेरे दिल पे हमला मत करो
मैंने किसी भी शख़्स को धोखा दिया नहीं
सब लोग जानते हैं कि मैं बेवफ़ा नहीं
अब दर्द बढ़ रहा है मुहब्बत की चोट से
अफ़सोस अस्पताल में इसकी दवा नहीं
बर्बाद हो चुका हूँ मगर ये तो बात है
ज़िंदा है इश्क़ मेरा अभी तक मरा नहीं
चाहत में तूने जब से मुझे अलविदा कहा
मैंने दुबारा दिल ये किसी को दिया नहीं
हर बार याद कर के तुझे मुस्कुराता हूँ
'दानिश' की याद से ऐ सनम तू जुदा नहीं
किसी ने सच ही कहा है कि हादसा होगा
भरोसा जिस पे है मुझको वो बेवफ़ा होगा
तुम्हें ही सोच के लाखों मैं शेर कहता हूँ
तुम्हें न सोचूँ तो फिर मेरा हाल क्या होगा
मिरी जगह पे रक़ीबों से प्यार मत करना
नहीं तो यार यहाँ सिर्फ़ मस'अला होगा
अगर यूँ लौट भी आओगे इश्क़ में फिर से
क़ुबूल करने में तुमको न कुछ बुरा होगा
जफ़ा भी साथ मिरे किसने पहले की 'दानिश'
ज़रूर रब की अदालत में फ़ैसला होगा
मुझे मालूम है ये फ़न बहुत अच्छा दिखाया है
मिरे महबूब को अल्लाह ने दिलकश बनाया है