Kashif Husain Ghair

Kashif Husain Ghair

@kashif-husain-ghair

Kashif Husain Ghair shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kashif Husain Ghair's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

इन मकीनों का सुलूक अपनी जगह दर-ओ-दीवार पे हैरत है मुझे — Kashif Husain Ghair
मुझ से रस्तों का बिछड़ना नहीं देखा जाता मुझ से मिलने वो किसी मोड़ पे आया न करे — Kashif Husain Ghair
हाल पूछा न करे हाथ मिलाया न करे मैं इसी धूप में ख़ुश हूँ कोई साया न करे — Kashif Husain Ghair
हमारी सुब्ह किसी शाम से नहीं मिलती ये वो थकन है जो आराम से नहीं मिलती — Kashif Husain Ghair
वो हाल था कि बस मिरा उठना मुहाल था लेकिन फिर एक ख़्वाब की तकमील से उठा — Kashif Husain Ghair

Ghazal

ग़ुबार होने लगीं ज़िंदगी में सब चीज़ें ये मेरा वहम है या वाक़'ई में सब चीज़ें किसी भी चीज़ से इस में कमी नहीं आती इज़ाफ़ा करती हैं तेरी कमी में सब चीज़ें ये इंकिशाफ़ हुआ है अँधेरा बढ़ने से दिखाई देती नहीं रौशनी में सब चीज़ें निकल रहा था मैं घर से तो कल नज़र आईं ग़ुरूब होती हुई उस गली में सब चीज़ें यही ग़ियाब में मेरे कलाम करती हैं जो चुप हैं अब मेरी मौजूदगी में सब चीज़ें वो वक़्त बीत चुका अब अजीब लगती हैं पसंद आती रहीं जो ख़ुशी में सब चीज़ें मैं किस तरह से तुम्हारी सदा पे रुक जाऊँ कि चल रही हैं मेरी हमरही में सब चीज़ें मेरे बदलने से ये इंक़लाब आया है बदल गई हैं घड़ी दो घड़ी में सब चीज़ें मगर ये शहर है 'काशिफ़-हुसैन' दश्त नहीं रवा सही मियाँ दीवानगी में सब चीज़ें — Kashif Husain Ghair