Moni Gopal Tapish

Moni Gopal Tapish

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Moni Gopal Tapish shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Moni Gopal Tapish's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher(24)

Sher

ज़ख़्म फिर हँस दिया पुराना कोई आज अश्कों ने फिर बग़ावत की — Moni Gopal Tapish
तू समझ सके कभी मुझ को मेरी निगाह से, कभी यूँँ भी हो कि ये ख़्वाब था मेरी आँख में, गई रात चुपके से मर गया — Moni Gopal Tapish
नीम बिस्मिल हवा आरज़ी तौर पर साँस लेती रही सांँवला एक मौसम दरख़्तों की शाख़ों पे रक्खा रहा — Moni Gopal Tapish
इसी सबब से कभी आँख भर नहीं रोए तुझे भुलाया ही कब था जो याद करते हम — Moni Gopal Tapish
मेरी बरबादियों की यूँँ ख़बर तुम ने सुनी होगी किसे बर्बाद कहते हैं फ़क़त मैं ही समझता हूँ — Moni Gopal Tapish
बारिशें अब कि अजब रंजिशें ले कर आईं एक भी अश्क न आँखों के ठिकाने में रहा — Moni Gopal Tapish
रात फिर आँखों की धरती देर तक जलती रही देर तक अश्कों का सावन टूट कर बरसा किया — Moni Gopal Tapish
ऐसे खंडहर को कौन देखे है घर से निकलो तो सज सँवर के चलो — Moni Gopal Tapish
मेरी चाहतों की तपिश तुझे, कभी आँच बनके निखारती तेरा जिस्म सोने का था मगर, मेरे हाथ से ये हुनर गया — Moni Gopal Tapish
मेरी फ़ितरत नहीं भूल जाऊँ उसे जो मुक़द्दर में मेरे लिखा ही न हो लाख हक़ में न हो पर मुझे चाहिए आसमानों का रुख़ वो दहकता हुआ — Moni Gopal Tapish
मैं दिल भेजूँ नज़र भेजूँ तड़प भेजूँ असर भेजूँ कहीं माँगे गए हैं शे'र अच्छे मेरी ग़ज़लों के — Moni Gopal Tapish
तेरी रफ़्तार गुफ़्‍तार के शोख़ क़िस्से क़लम कर लिए तेरी बख़्शी हुई नेमतों में तेरा ग़म अकेला रहा — Moni Gopal Tapish
ख़ूब गहरी ख़ूब गहरी ख़ूब गहरी है ख़मोशी चुप में जो मानी छिपा है वो कहाँ गोयाई में है — Moni Gopal Tapish