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Top 10 of
Shakeb Jalali
SHER
भीगी हुई इक शाम की दहलीज़ पे बैठे
हम दिल के सुलगने का सबब सोच रहे हैं
Shakeb Jalali
10
SHER
मुझे गिरना है तो मैं अपने ही क़दमों में गिरूँ
जिस तरह साया-ए-दीवार पे दीवार गिरे
Shakeb Jalali
9
SHER
ये एक अब्र का टुकड़ा कहाँ कहाँ बरसे
तमाम दश्त ही प्यासा दिखाई देता है
Shakeb Jalali
8
GHAZAL
बद-क़िस्मती को ये भी गवारा न हो सका
हम जिस पे मर मिटे वो हमारा न हो सका
Shakeb Jalali
7
GHAZAL
सोचता हूँ कि वो कितने मा'सूम थे क्या से क्या हो गए देखते-देखते
मैं ने पत्थर से जिन को बनाया सनम वो ख़ुदा हो गए देखते-देखते
Shakeb Jalali
6
SHER
सोचो तो सिलवटों से भरी है तमाम रूह
देखो तो इक शिकन भी नहीं है लिबास में
Shakeb Jalali
5
SHER
4
SHER
प्यार की जोत से घर घर है चराग़ाँ वर्ना
एक भी शम्अ' न रौशन हो हवा के डर से
Shakeb Jalali
3
SHER
आज भी शायद कोई फूलों का तोहफ़ा भेज दे
तितलियाँ मंडला रही हैं काँच के गुल-दान पर
Shakeb Jalali
2
SHER
तू ने कहा न था कि मैं कश्ती पे बोझ हूँ
आँखों को अब न ढाँप मुझे डूबता भी देख
Shakeb Jalali
1
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