Tousief Tabish

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@tousief-tabish

Tousief Tabish shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Tousief Tabish's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

खटखटाने की कोई ज़हमत ही आख़िर क्यूँ करे इस लिए भी घर का दरवाज़ा खुला रखता हूँ मैं — Tousief Tabish
कुछ ने आँखें कुछ ने चेहरा देखा है सब ने तुझ को थोड़ा थोड़ा देखा है — Tousief Tabish
मेरी शोहरत के तक़ाज़े ही अलग थे ताबिश गुमशुदा रहते हुए नाम कमाना था मुझे — Tousief Tabish

Ghazal

आइने के रू-ब-रू इक आइना रखता हूँ मैं रात-दिन हैरत में ख़ुद को मुब्तला रखता हूँ मैं दोस्तों वाली भी इक ख़ूबी है उन में इस लिए दुश्मनों से भी मुसलसल राब्ता रखता हूँ मैं रोज़-ओ-शब मैं घूमता हूँ वक़्त की पुर-कार पर अपने चारों सम्त कोई दायरा रखता हूँ मैं खटखटाने की भी ज़हमत कोई आख़िर क्यूँँ करे इस लिए भी घर का दरवाज़ा खुला रखता हूँ मैं आज-कल ख़ुद से भी है रंजिश का कोई सिलसिला आज-कल ख़ुद से भी थोड़ा फ़ासला रखता हूँ मैं चंद यादें एक चेहरा एक ख़्वाहिश एक ख़्वाब अपने दिल में और क्या उन के सिवा रखता हूँ मैं चंद तस्वीरें किताबें ख़ुशबुएँ और एक फूल अपनी अलमारी में 'ताबिश' और क्या रखता हूँ मैं — Tousief Tabish
कुछ ने आँखें कुछ ने चेहरा देखा है सब ने तुझ को थोड़ा थोड़ा देखा है तुम पर प्यास के मा'नी खुलने वाले नहीं तुम ने पानी पी कर दरिया देखा है जिन हाथों को चूमने आ जाते थे लोग आज उन्हीं हाथों में कासा देखा है रोती आँखें ये सुन कर ख़ामोश हुईं मलबे में इक शख़्स को ज़िंदा देखा है बाबा बोला मेरी क़िस्मत अच्छी है उस ने शायद हाथ तुम्हारा देखा है लगता है मैं प्यास से मरने वाला हूँ मैं ने कल शब ख़्वाब में सहरा देखा है अंधी दुनिया को मैं कैसे समझाऊँ इन आँखों से मैं ने क्या क्या देखा है क़ैदी रात को भागने वाला है 'ताबिश' उस ने ख़्वाब में ख़ुफ़िया रस्ता देखा है — Tousief Tabish