Purushottam Tripathi

Purushottam Tripathi

@tripathi0081

Purushottam Tripathi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Purushottam Tripathi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
कभी तो चाहिए इस जिस्म-ए-ज़िंदाँ से रिहाई भी
कभी तो चाहिए अपनों से दिल को आशनाई भी

मेरी मंज़िल तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म से आगे है
मेरे ज़िम्मे है घर वालों की रोटी भी दवाई भी
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Purushottam Tripathi
जिस समय मैं मौन होकर बैठ जाऊँ
तुम मुझे उस वक़्त ख़ामोशी से सुनना
Purushottam Tripathi
फिर वही ज़िंदगी शुरू कर दी
हमने भी शाइरी शुरू कर दी

इश्क़ के साथ घर चलाना था
इसलिए नौकरी शुरू कर दी
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Purushottam Tripathi
हमारा दुख नहीं है ये ज़माने भर का दुख है
सभी को अपने दुख को बस छुपाने भर का दुख है

ये दिल-विल टूटना मिलना बिछड़ना दुख है कोई
अमा ये दुख तो केवल गुनगुनाने भर का दुख है
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Purushottam Tripathi
तुम्हारा दिल नहीं लगता कहीं भी
किसी से दिल लगा बैठे हो पगले
Purushottam Tripathi
हर इक सूखे सुबू को भर रहा है
वो सबके ख़्वाब पूरे कर रहा है

मैं हर इक दिन बड़ा तो हो रहा हूँ
मेरे अंदर का बच्चा मर रहा है
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Purushottam Tripathi
तेरी आँखों का वो नीला समंदर याद आता है
बिछड़ते वक़्त का वो एक मंजर याद आता है

तू मुझको हर समय कुछ इस तरह से याद आती है
कि जैसे जेठ में सबको दिसम्बर याद आता है
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Purushottam Tripathi
देखो इक बच्चे ने फिर दम तोड़ दिया
ख़्वाबों की बस्ती में अक्सर होता है
Purushottam Tripathi
हमको तो कोई तिनका सा छूकर डुबो गया
मौजों की भूल कुछ न थी सागर डुबो गया

क्यूँ दोष दे रहे हैं सभी गर्क़-ए-आब को
मुझको तो यार मेरा मुक़द्दर डुबो गया
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Purushottam Tripathi
एक दिन मेरी कहानी भी धुआँ हो जाएगी
मेरे अंदर कोई लड़की बे-ज़ुबाँ हो जाएगी

बोलता हूँ मैं ज़ियादा जो छुपाने के लिए
चुप हुआ तो वो कहानी ख़ुद बयाँ हो जाएगी
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Purushottam Tripathi