
तेरी आँखों का वो नीला समुंदर याद आता है
बिछड़ते वक़्त का वो एक मंज़र याद आता है
तू मुझ को हर समय कुछ इस तरह से याद आती है
कि जैसे जेठ में सब को दिसम्बर याद आता है
— Purushottam Tripathi
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