Sharaab Shayari Collection - Nasha, dard, aur mehfil ke jazbaat bhari shayari

Sharaab shayari beautifully blends emotions of nasha, dard, and mehfil into poetic expressions. Whether it reflects heartbreak, loneliness, or deep contemplation, these lines often use wine as a metaphor for life’s struggles and pleasures. Explore meaningful verses that capture both the intoxication of love and the pain hidden behind every jaam.

What is sharaab shayari?

Sharaab shayari is a poetic style that uses wine (sharaab) as a symbol to express emotions like love, pain, loneliness, and deep thoughts about life.

Sharaab Shayari in Hindi

Explore classic sharaab shayari written in Hindi with deep emotions and poetic expressions of nasha and life.

गरचे अहल-ए-शराब हैं हम लोग ये न समझो ख़राब हैं हम लोग — Jigar Moradabadi
वो नशा है के ज़बाँ अक़्ल से करती है फ़रेब तू मिरी बात के मफ़्हूम पे जाता है कहाँ — Pallav Mishra
फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल न पूछिए 'मजरूह' शराब एक है बदले हुए हैं पैमाने — Majrooh Sultanpuri
ये मय-कदा है यहाँ हैं गुनाह जाम-ब-दस्त वो मदरसा है वो मस्जिद वहाँ मिलेगा सवाब — Ali Sardar Jafri
आए कुछ अब्र कुछ शराब आए इस के बा'द आए जो अज़ाब आए — Faiz Ahmad Faiz
सब को मारा 'जिगर' के शे'रों ने और 'जिगर' को शराब ने मारा — Jigar Moradabadi
कुछ भी बचा न कहने को हर बात हो गई आओ कहीं शराब पिएँ रात हो गई — Nida Fazli
आए थे हँसते खेलते मय-ख़ाने में 'फ़िराक़' जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए — Firaq Gorakhpuri
नशा पिला के गिराना तो सब को आता है मज़ा तो तब है कि गिरतों को थाम ले साक़ी — Allama Iqbal
दरिया की वुसअतों से उसे नापते नहीं तन्हाई कितनी गहरी है इक जाम भर के देख — Adil Mansuri

If you enjoy symbolic intoxication, explore more nasha shayari for deeper emotions.

Sharaab Shayari on Life

Discover how poets use sharaab as a metaphor to reflect on life’s struggles, realities, and philosophical thoughts.

दुनिया को मारा जिगर के शे'रों ने जिगर को शराब ने मारा — Jigar Moradabadi
छू लेने दो नाज़ुक होंठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये क़ुदरत ने जो हम को बख़्शा है, वो सब सेे हसीं ईनाम हैं ये — Sahir Ludhianvi
बेहतर है मेरे जाम में अब ज़हर मिला दो तुम यूँँ तो मेरी प्यास को कम कर नहीं सकते — Saad Zaigham
जो उन को लिपटा के गाल चूमा हया से आने लगा पसीना हुई है बोसों की गर्म भट्टी खिंचे न क्यूँँकर शराब-ए-आरिज़ — Ahmad Husain Mail
आरज़ू' जाम लो झिजक कैसी पी लो और दहशत-ए-गुनाह गई — Arzoo Lakhnavi
ये जो मैं होश में रहता नहीं तुम सेे मिल कर ये मिरा इश्क़ है तुम इस को नशा मत समझो — Shakeel Azmi
शायद शराब पीके तुम्हें फ़ोन मैं करूँँ बस इस लिए शराब कभी पी नहीं मैं ने — Tanoj Dadhich
भाई बहनों की मोहब्बत का नशा मत पूछिए बे-तकल्लुफ़ हो गए तो गुदगुदी तक आ गए — Iftikhar Falak Kazmi
बोसाँ लबाँ सीं देने कहा कह के फिर गया प्याला भरा शराब का अफ़्सोस गिर गया — Abroo Shah Mubarak

For broader reflections, read zindagi shayari that capture life’s deeper meanings.

Sharaab Shayari on Love and Heartbreak

Feel the connection between love, heartbreak, and sharaab through emotional and relatable poetic lines.

नमकीं गोया कबाब हैं फीके शराब के बोसा है तुझ लबाँ का मज़े-दार चटपटा — Abroo Shah Mubarak
शराबों से ख़ुमारी आ रही है नशा तेरा उतरता जा रहा है — anupam shah
प्रेम की गली में सब शराब ले कर आए थे हम बहुत ख़राब थे किताब ले कर आए थे — Aman Akshar
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है — Rahat Indori
मुझे शराब पिलाई गई है आँखों से मेरा नशा तो हज़ारों बरस में उतरेगा — Vijendra Singh Parwaaz
पिलाओ जाम फिर से तुम उसी के नाम का मुझ को जिसे दिल में उतारे एक 'अर्सा हो गया है अब — Abhay Mishra
हक़ीक़तों की तल्ख़ियाँ भी मीठे ख़्वाब की तरह मुझे शराब दे रही है वो गुलाब की तरह — Rachit Sonkar
मैं नज़र से पी रहा था तो ये दिल ने बद-दुआ दी तिरा हाथ ज़िंदगी भर कभी जाम तक न पहुँचे — Shakeel Badayuni
वो गुल-फ़रोश कहाँ अब गुलाब किस से लूँ नहीं रहा मिरा साक़ी शराब किस से लूँ — Anwar Shaoor
मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में — Anis shah anis

If heartbreak resonates with you, explore bewafai shayari for more emotional expressions.

Sharaab Shayari with Meaning

Understand the deeper meaning behind symbolic sharaab shayari that reflects emotions beyond the surface.

ऐ शैख़ तू शराब के पीछे न पड़ कभी ये ख़ुद को वाहियात बनाने की चीज़ है — Shivsagar Sahar
जब से मुँह को लग गई 'अख़्तर' मोहब्बत की शराब बे-पिए आठों पहर मदहोश रहना आ गया — Akhtar Ansari
हम सेे क्या मान सम्मान की बातें 'रिंद' हम ने शराब के लिए किताबें बेची है — Murli Dhakad
जीना कहते हैं जिसे है तमाशा करना जैसे नशे में हो फिर से नशा करना — Murli Dhakad
आँखों को शराब बता तो रहे हो 'पवन' पर शराब को देखा भी है क्या कभी क़रीब से — Pawan
इस का चारा क्या है तू ही बता ऐ साक़ी जाम जब मुँह से लगता हूँ तो याद आती है — Parwez Akhtar
आख़िरी जाम में ज़हर है आख़िरी जाम जल्दी भरो — Amaan Pathan
जाम कहने सुनने को कहानी रह गया है और पीने को बस पानी रह गया है — Murli Dhakad
फ़रिश्ते फ़ुर्सत में बैठ कर लिखते हैं किसी का ख़राब होना हर अंगूर की किस्मत में नहीं होता है शराब होना — Murli Dhakad
किधर जा रहा है जुगनू शाम उठाए इधर बैठा हूँ मैं जाम उठाए — Murli Dhakad
एक ‘ज़ौन’ का नशा जो उतरता ही नहीं ऊपर से तेरी याद ज़ेहन से नहीं जाती — Aryan Goswami

To explore deeper emotions, check out dard shayari that reveal hidden pain.

Sharaab Shayari on Mehfil and Night

Dive into shayari that captures the charm of mehfil, raat, and the poetic vibe of gatherings with sharaab.

भरे हुए जाम पर सुराही का सर झुका तो बुरा लगेगा जिसे तेरी आरज़ू नहीं तू उसे मिला तो बुरा लगेगा — Navneet Sharma
मैं ने कभी शराब नहीं पी थी इस लिए पीने को साथ में कोई हमदम नहीं मिला — Prashant Sitapuri
अश्क पीने में जो नशा है जनाब! वो पुरानी शराब में भी नहीं — Ramnath Shodharthi
होश में रहे कैसे इश्क़ का नशा कर के होश जो हमें आए फिर नशा बुलाता है — Ravi 'VEER'
देखिए गर कभी नज़र उन की साक़ी पलकें हैं और शराब आँखें — Mehnaz Mansoori
मैं अश्क सारे पी गया, हर कतरा लाजवाब था यादों का खारा दरिया ये, मानो कोई शराब था — Prit
कल नशा था मुझे मुहब्बत का अब नशे से मुझे मुहब्बत है — Ramnath Shodharthi
फ़ाइदा ये है जाम पीने का आदमी खुल के हँसता-रोता है — gulab muntazir
लगाके लब से अपने जाम भेजो तड़पते दिल को कुछ आराम भेजो — Ananya Rai Parashar

For night vibes, explore raat shayari filled with poetic darkness.

2 Line Sharaab Shayari

Short and impactful 2 line sharaab shayari perfect for quick expression and sharing.

आज पहली दफ़ा शराब चखी तेरे होंठों के आस-पास न थी — Manmauji
दर्द छुपाओ और मिसाल बनो इक काम करो तुम शराब बनो — Prashant Gurjar
मोहब्बत नशा है, नशा है मोहब्बत जिसे पहले होश आया वो बे-वफ़ा है — Abuzar kamaal
पहली दफ़ा जब जाम होंटों से लगाया तो लगा लब के तिरे होते हुए मय की तलब थी ही नहीं — Zain Aalamgir
जिगर में दर्द हाथों में छलकता जाम होता है मोहब्बत का यही तो दोस्तो इन'आम होता है — Ajeetendra Aazi Tamaam
नज़रों निग़ाहों में उन की बात कुछ तो होगी यूँँ ही शराब इस बामण ने नहीं चखी है — Deep kamal panecha
एक आलम की नज़रें हैं मुझ पर और मेरे जाम में ज़रा सी है — Rekhta Pataulvi

Short Sharaab Shayari

Simple and concise sharaab shayari lines that express deep emotions in few words.

शा'इरी का नशा तो शाइ'र का आबे-बक़ा ठहरा गर जो सिगरेट होती तो कब का मैं छोड़ देना था — A R Sahil "Aleeg"
हुई थी इब्तिदा सिगरेट से तेरी फ़ुर्क़त में सफ़र ये जल्द ही सिगरेट से जाम तक पहुँचा — Shajar Abbas
मुझे हो गया क्या नशा क्या मज़ा क्या तिरी इक हँसी फिर दवा क्या दवा क्या — Nikunj Rana
मुझ को नशा है इक बस उस की निगाह का सो ये बोतलें ये सिगरेट अब काम की नहीं हैं — Ravi 'VEER'
मैं यूँँ ही हर एक शख़्स के साथ जाम पे तो नहीं आता ये दिल बड़ा तो बहुत हैं लेकिन तमाम पे तो नहीं आता — Nikunj Rana
कहते हैं सामिईन उसे जाम-ए-जम-ए-हुस्न वो जाम बिन पिए ही जो बहकाए आप को — Ajeetendra Aazi Tamaam
अब शराब-ए-ख़ाम हो उन की बनाई चाय हो मय मिले या चाय बस पीना पिलाना चाहिए — Aditya Maurya
किसी के जिस्म का हो या शराब या तेरा नशे बग़ैर मेरी शाम की सहर न हुई — Vish
तुम्हें खो कर के ये जाना है मैं ने नशा किस काम आता है जहाँँ में — Dipendra Singh 'Raaz'

Sharaab Shayari for WhatsApp Status

Find perfect sharaab shayari lines to use as WhatsApp status and express your mood instantly.

जाम बहता लबों से है महबूब के चूम कर लब नशा ये अजब देखिए — Saheb Shrey
नशा कहने लगे हो मुझ को तुम भी तुम्हें भी चढ़ गई मेरी मोहब्बत — Gaurav Singh
जितनी पी जाए कम सी लगती है ज़िंदगी अब शराब लगती है — Shashank Tripathi
मयकश तुझ को देखे भर से पीना छोड़े बैठे होंगे भूले से तुम छू दो तो फिर सालों तक भी नशा न उतरे — Lokesh Vashishtha
इश्क़ में पूछो न क्या होता है जान ए मन चहरे नशा होते हैं — Ajeetendra Aazi Tamaam
मक़तल-ए-इश्क़ में आ कर दिल-ए-नादाँ ने कहा आज हम ज़ायका-ए-जाम-ए-शहादत लेंगे — Shajar Abbas
कि अदाओं पर तेरी मैं एक किताब लिखूँगा तेरी इन आँखों को अंगूरी शराब लिखूँगा — Sandeep dabral 'sendy'
सब भले लोग हों तो काम बनेगा कैसे साक़ी वाइज़ हो तो फिर जाम बनेगा कैसे — Hussain khaaki Lakhnawi
उस का जो चेहरा हँसता सा है गोया शराब हो भी सकता है — ALI ZUHRI
किस ने देखा है तेरी आँखों में कौन कहता है जाम ख़ाली है — Ajeetendra Aazi Tamaam
है गर इश्क़ मोहब्बत तो चर्चे तो होंगे गुलाब पे या शराब पे खर्चे तो होंगे — Rohit tewatia 'Ishq'

Sharaab Captions for Instagram

Creative and stylish sharaab captions for Instagram posts that reflect attitude and emotions.

नशा तेरा उतरता ही नहीं है नशे कर के बहुत देखे हैं मैं ने — Avtar Singh Jasser
हम लेटे रहते हैं पी कर इतने जाम उदासी के इक साक़ी सी दुनिया आगे रक़्स हमारे करती है — SWAPNIL YADAV 'NIL'
मुझ को करता था मना पीने से, सो मैं छोड़ आया और हाए मेरे ग़म में अब नशा घर कर रहा है — Aakarsh Goyal 'Mehtaab'
हर किसी को तो नहीं दिखती है जन्नत पाँव में हर किसी में भी मुहब्बत का नशा होता नहीं — Umesh Maurya
जाने किस वक़्त ये उतर जाए ज़िंदगी भी शराब जैसी है — Vijay Anand Mahir
वो गर शराब है तो समझो कि मैं नशा हूँ कुछ इस तरह से भीतर उस शख़्स के बसा हूँ — Harsh saxena
तोड़ डाला नशा को तेरी याद ने होश में ऐसे मैं आज आता नहीं — Navneet krishna
जाम-ए-लबरेज़ लिए दस्त-ए-मुबारक में शजर शैख़ जी रोकिए मस्जिद की तरफ़ जाता है — Shajar Abbas

FAQs

Sharaab represents intoxication, escape, and emotional depth. Poets use it to describe feelings that are intense, hidden, or difficult to express directly.
Yes, many short and impactful sharaab shayari lines are perfect for WhatsApp status, especially to express mood, attitude, or emotional depth.
Not necessarily. Often, sharaab is symbolic and represents emotions like love, heartbreak, or life’s struggles rather than actual drinking.
Common emotions include sadness, loneliness, nostalgia, heartbreak, and sometimes the joy of companionship in a mehfil.
Sharaab shayari focuses specifically on wine as a symbol, while nasha shayari can refer to any kind of intoxication, including love or emotions.
Yes, sharaab shayari is widely available in Hindi, Urdu, and English, often mixing words like jaam, saqi, and maikada for poetic effect.