By:
00:00/00:00
@rachitsonkar
Rachit Sonkar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rachit Sonkar's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
2
Content
136
Likes
246
मेरे इस सख़्त रवय्ये से सभी डरते हैंमैं मुहब्बत को मुहब्बत की तरह लेता हूँ
तुम मुझे याद अब नहीं आतेअब मुझे याद हो गए हो तुम
हिज्र की शाम हो शराब न होवक़्त इतना कभी ख़राब न हो
फँस गई हैं गेसुओं में आपकेआप मेरी उँगलियाँ सुलझाइए
मेरे दोनो होंठ ज़ख़्मी हो गएलब तुम्हारे लब नहीं तलवार हैं
मुझ पर बिछा रही है अपने बदन की चादरमेरे बदन को उसने बिस्तर बना दिया है
सच हुआ है कहाँ कुछ भी सोचा हुआहम यही सोच कर सोचते कुछ नहीं
पहले तो शाम को ही आती थी ये मगर अबआ जाती है उदासी अपने समय से पहले
हमारे बदन से जो आती थी कल तकतुम्हारे बदन की वो ख़ुशबू कहाँ है
ज़रा सा ख़्यालों में क्या खो गए हमख़्यालों ने हमको हक़ीक़त दिखा दी
ज़िंदगी के मज़े हम से पूछे कोईज़िंदगी ले रही है हमीं से मज़े
हाल तेरा पूछने वाले थे हमतू ने बीमारी का नाटक क्यों किया
हिज्र ग़म और उदासी भी क्या चीज़ हैइंतिज़ामात हैं ख़ुदकुशी के सभी
धोका खा कर भी नहीं समझा कोईहुस्न की जानिब क़दम फिर चल दिए
एक रिश्ते को किस की नज़र लग गईहिज्र को फिर हमारी ख़बर लग गई
ज़िंदगी इक ख़्वाब है जिसको हमेंजीना पड़ता है हक़ीक़त की तरह
आप आ ही गए है तो मिल लीजिएवरना यूँ तो किसी से मैं मिलता नहीं
सोचता हूँ ख़ुदा से दुआ माँग लूँऔर दुआ में ख़ुदा से ख़ुदा माँग लूँ
वो समझती है उसका हुनर है फ़क़तइश्क़ में बेवफ़ा हम भी हो सकते हैं
इश्क़ ने बर्बाद कर दी ज़िंदगीअब करेंगे इश्क़ को बर्बाद हम
LOAD MORE