@Bhadauriabhishek
Abhishek Bhadauria 'Abhi' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Abhishek Bhadauria 'Abhi''s shayari and don't forget to save your favorite ones.
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नदामत, बे-क़रारी, हिज्र, ज़िल्लत और तन्हाई
मोहब्बत में यही दो–चार ग़म हर–बार होते हैं
कुछ ज़ख़्म तो खाते ही ‘अभी’ भूल गए थे
कुछ ज़ख़्म हमेशा ही हमें याद रहेंगे
‘अभी’ इस वक़्त को ज़ाया न कर फिर याद आएगा
‘अभी’ ये ज़ख़्म भी तू रख छुपा कर काम आएँगे
ज़ुबाँ से बात जो निकले वो फ़िर वापस नहीं आती
सो मैं कहने से पहले बात कह कर देख लेता हूँ
नहीं मैं जानता जज़्बात क्या है
बताएँ वो मुझे की बात क्या है
हुआ है क्या जो मैं ये पूछता हूँ
बताओ तुम मिरी औकात क्या है
अब क्यूँ मुझको तेरी राहें हैं दिखती
अब क्यूँ मुझको तेरा चेहरा दिखता है
जो तुम ही जा चुके हो तो अब इनकी क्या ज़रूरत है
सो दिल की धड़कनों को अब से हम आज़ाद करते हैं
कभी अक्सर तो या फ़िर कुछ दिनों के बाद करते हैं
किसी को भूल जाते हैं किसी को याद करते हैं
बताएं क्या कि कितना वक्त हम बर्बाद करते हैं?
तुम्हीं को भूल जाते हैं तुम्हीं को याद करते हैं
वो जिस कमरे में बात तुम्हारी होती थी
अब उस कमरे से बात हमारी होती है
आसमां पे जा चुकी है जो ज़मीं की बात है
जो कहीं से सुन रहे हैं वो कहीं की बात है
बातें बनाता है किसी फ़नकार की तरह
वो इश्क़ भी करता है व्यापार की तरह
कभी वो याद रखती थी कभी वो भूल जाती थी
मगर जो भूल जाती थी उसे वो याद रहता था