यूँँ दिल से मेरे उतर गए तुम
नहीं पता फिर किधर गए तुम
न ढूँढों ख़ुद को यूँँ मेरे भीतर
यक़ीन मानो कि मर गए तुम
तुम्हारा क्या है पुराना छोड़ा
नए शजर पर ठहर गए तुम
तुम्हारे जैसा मिले तुम्हें और
ख़बर हो मुझको बिखर गए तुम
वही हुनर अब सिखाओ मुझको
वो जैसे मुँह पर मुकर गए तुम
मैं कितना झूठा था कहता था जो
कि मर मिटूँगा अगर गए तुम
दिलाओ जितना मगर कभी भी
यकीं न होगा सुधर गए तुम
अदा करो शुक्रिया मेरा अब
थी मेरी सोहबत सँवर गए तुम
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