मैं ख़ल्वत से बचा करता था पहले
मैं ज़िंदा दिल सा इक लड़का था पहले
मुझे रोता हुआ देखा है तुम ने
मैं हर इक बात पे हँसता था पहले
हुनर ये हिज्र में हासिल हुआ है
मुझे रोना नहीं आता था पहले
हमारे दौर में महँगा हुआ है
सुकूँ तो मुफ़्त में मिलता था पहले
ये जिस ग़म ने मुझे घेरा हुआ है
ये मेरे नाम से डरता था पहले
तुम्हारे बा'द से ये आ बसा है
अलम दिल में नहीं रहता था पहले
— Anas Khan















