छोड़ने का है इरादा और कुछ
क्या करोगे इस से ज़्यादा और कुछ
याद कर लो जो कहा था पहले ही
साथ रहने का था वा'दा और कुछ
मैं बुरा हूँ तो बुरा ही रहने दो
कह रहे थे मुझ को सादा और कुछ
शाहज़ादा बन गया है दूसरा
मैं तुम्हारा हूँ पियादा और कुछ
झूठ से तो काम चलता है तिरा
झूठ का ओढ़ा लबादा और कुछ
कर रहे थे हम भरोसा बे-हिसाब
आँख में डाला बुरादा और कुछ
तुम को क्या मालूम कितने और थे
राह करते हो कुशादा और कुछ
— Arohi Tripathi















