puraani yaad ka itnaa sahaara hai | पुरानी याद का इतना सहारा है

  - "Dharam" Barot

पुरानी याद का इतना सहारा है
यही लगता हमारा था हमारा है

चले जाते हैं हम मझधार पर ख़ुद ही
चले थे जो किनारा था किनारा है

लगा क्यूँ डाँट से नाराज़ वो भी मैं
तू ही हर पल गवारा था गवारा है

दुआ से माँ की सबकुछ हो गया मुमकिन
बुलंदी पर सितारा था सितारा है

मैं कहने को कहूँगा सुनना मत बेटा
कहूँगा मैं नकारा था नकारा है

बड़ा मुश्किल है फिर भी कह रहा हूँ दोस्त
तेरे बिन भी गुज़ारा था गुज़ारा है

जवानी में किया मासूमियत का क़त्ल
'धरम' बचपन दुलारा था दुलारा है

  - "Dharam" Barot

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