मैं तो समझता था ये पैसा कुछ नइँ

पर पैसा सब कुछ है बंदा कुछ नइँ

ये फूल शबनम चाँद सितारा कुछ नइँ
इस दुनिया में तुम से प्यारा कुछ नइँ

इक माँ अपना बेटा खो देती है
इस से ज़्यादा इश्क़ में होता कुछ नइँ

मुझ को रोग लगा कर इश्क़ का अब वो
कहता है तुम दोस्त से ज़्यादा कुछ नइँ

मैं इस से भी ज़्यादा कर जाऊँगा
मेरे लिए ये मरना वरना कुछ नइँ

तू गर साथ है दुनिया भी जन्नत है
साथ बिना तेरे ये दुनिया कुछ नइँ

— Irshad Siddique "Shibu"

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