था नहीं काम कुछ भी कर ली तबाहज़िंदगी जीने को थी कर ली तबाहढूँढ़ते फिरते अहल-ए-इश्क़-ओ-वफ़ाहम ने अपनी जवानी कर ली तबाह— Chandan Sharma