मरने का अगर हौसला नहीं
छोड़ फिर कोई रास्ता नहीं
ठुकरा सकते हैं इल्तिज़ा मेरी
आप पर कोई दबदबा नहीं
हाथों में तेरे जादू है मगर
माँ के हाथ सा ज़ाएक़ा नहीं
लाल चूड़ियाँ वो पहन चुकी
कॉल करने का फ़ाएदा नहीं
आने से रहा तू मेरे घर और
शहर में तेरे मय-कदा नहीं
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