सोच ले करने से पहले
है ख़ुशी बस पहले पहले
कह रहे हो जिसको अपनी
मेरी थी वो सब से पहले
अब तो है हर बात पे शक
था यक़ीं सा पहले पहले
हर नज़ारा साफ़ था तब
धुंध कम थी पहले पहले
मौत पे है भीड़ वरना
तन्हा था मरने से पहले
याद बन के रह गया जो
दोस्त था वो कल से पहले
As you were reading Shayari by Rohan Hamirpuriya
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