raahon men kankar hain to kya ho saktaa hai | राहों में कंकर हैं तो क्या हो सकता है

  - Divya 'Kumar Sahab'

राहों में कंकर हैं तो क्या हो सकता है
आगे बढ़ कर देखो रिक्शा हो सकता है

जितना ख़ुश रहते हैं हम उतना है जीवन
सारा जीवन भी इक लम्हा हो सकता है

तुमने क्या क्या बोला है अब तुम ही समझो
वो लड़का अंदर से बच्चा हो सकता है

रख ली दिल में बातें तब हमने ये जाना
आँखों से लफ़्ज़ों का रस्ता हो सकता है

प्यार निभाने से तो सारे दूर हुए हैं
नफ़रत करके शायद रिश्ता हो सकता है

सहरा को तो पानी देता है ये सूरज
सागर पानी पानी प्यासा हो सकता है

दिल ने बोला वो मुझ सेे मिलने आए थे
आँखें कहती हैं वो सपना हो सकता है

मैं तो उनका ख़ास नहीं पर ये मुमकिन है
उनके दिल में मेरा कमरा हो सकता है

तेरे हाथो पर हाँ मेरी मेहँदी होगी
मेरे सिर पर तेरा सेहरा हो सकता है

मरहम ने तो काम किया है ऊपर ऊपर
घाव मगर उस सेे भी गहरा हो सकता है

जितने बिछड़े हैं और उन
में भी ज़िंदा हैं
उनका जीना भी तो मरना हो सकता है

जिनके पैर नहीं जुरअत करते हैं, कोई
दोनों पैरों से भी लँगड़ा हो सकता है

तुझको इक दिन मरना है तो कुछ ऐसे मर
तू झंडे में भी तो लिपटा हो सकता है

क्या कहते हो दस ओवर में सौ रन पर हैं
ध्यान से देखो रोहित शर्मा हो सकता है

  - Divya 'Kumar Sahab'

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