अगर हम हम नहीं होते
तो इतने ग़म नहीं होते
तू रहती पास मेरे नैन
कभी फिर नम नहीं होते
जो माँ ज़िन्दा न होती तो
जहाँ में हम नहीं होते
— Manoj Devdutt
तो इतने ग़म नहीं होते
तू रहती पास मेरे नैन
कभी फिर नम नहीं होते
जो माँ ज़िन्दा न होती तो
जहाँ में हम नहीं होते
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