तरकश में बस इक तीर रखना तुमपर कार-गर गंभीर रखना तुमचलती मोहब्बत को बचाने कोबस ऐसी इक शमशीर रखना तुमतुम को मुकम्मल इश्क़ की है चाहराजाओं की तक़दीर रखना तुमकुछ मुँह ज़बानी मानना मत अबलिखवा के सब तहरीर रखना तुमधोखा नहीं तुझ को मिलेगा अबबस साथ इक हम-शीर रखना तुम— Manoj Devdutt