उस के बग़ैर रह नहीं सकताउस से मगर ये कह नहीं सकतामुझ पर करो सभी सितम लेकिनमैं ज़ुल्म उस पे सह नहीं सकताउस ने यक़ीन जो किया बस फिरमुश्किल में 'देव' ढह नहीं सकता— Manoj Devdutt