bechain yaad men dil thehra nahin milega | बेचैन याद में दिल ठहरा नहीं मिलेगा

  - Nikhil Tiwari 'Nazeel'

बेचैन याद में दिल ठहरा नहीं मिलेगा
जिसकी तलाश है वो चेहरा नहीं मिलेगा

वो नूर-ज़ा बना है मेरे क़रीब दिल का
कुछ और तो यहाँ पे ज़हरा नहीं मिलेगा

इन बादलों से कह दो आफ़ाक़ लौट जाएँ
इस वक़्त बारिशों में पहरा नहीं मिलेगा

अब जब कि रेत में ही ये पाँव सन चुके हैं
तुम कह रहे कि आगे सहरा नहीं मिलेगा

उनकी ज़बाँ कि ताक़त मैं खूब जानता हूँ
इस बार ज़ख़्म ज़्यादा गहरा नहीं मिलेगा

  - Nikhil Tiwari 'Nazeel'

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