तो क्या करते न करते आशिक़ी तो
हमारे ख़ून में है दिल-लगी तो
चलो माना वो लड़की माधुरी है
मेरे दिल में हो हेमा मालिनी तो
मेरे घर में फ़क़त मेरी चलेगी
जो उस के सामने मेरी चली तो
नज़र फिर हट न पाई उस हसीं से
न जिस को देखना था जब दिखी तो
मेरी बस आपसे ही दोस्ती है
मोहब्बत आप ही से हो गई तो
अगर मैं इश्क़ में पागल हुआ फिर
ज़ियादा बढ़ गई दीवानगी तो
— Rohit tewatia 'Ishq'















