pal pal loon teri aankhoñ se aur baar baar loon | पल पल लूँ तेरी आँखों से और बार बार लूँ

  - Shajar Abbas

पल पल लूँ तेरी आँखों से और बार बार लूँ
मैं जाम ए 'इश्क़ जान ए वफ़ा बेशुमार लूँ

ऐ माहरू हसीना मुहब्बत की जंग में
मैं दिल की तेग़ ए चश्म से गर्दन उतार लूँ

परवरदिगार इतना मुझे इख़्तियार दे
जब चाहूँ चाँद तारे फ़लक से उतार लूँ

ये जो सफ़र है 'इश्क़ का अब इस सफ़र से मैं
जितने भी लम्हें लूँ वो सभी याद गार लूँ

वा'दा करो अगर चे मुलाक़ात का शजर
तो अपनी ज़िंदगी से मैं साँसें उधार लूँ

  - Shajar Abbas

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