चाँद से ज़्यादा ख़ूबसूरत है
हमको जिस लड़की से मोहब्बत है
हों अलील उनकी जो अयादत है
ख़ुद ख़ुदा ने कहा इबादत है
तुम जो बैठी हो मेरे पहलू में
मुझ पे रब की मेरे इनायत है
नाम लेता हूँ रात दिन तेरा
नाम लेना तेरा इबादत है
यूँँ तिलावत मैं तेरी करता हूँ
तू भी तो रब की एक आयत है
'इश्क़ तुम ता-हयात करते रहो
नौजवानों को ये हिदायत है
मुस्कुराने से जलने वालों जलो
मुस्कुराना तो मेरी आदत है
कौन जाने के किस क़दर नाज़ुक
'इश्क़ में टूटे दिल की हालत है
माँ दुआ करती है जो हक़ में मेरे
हाँ वही तो किए हिफ़ाज़त है
आज मुझको शजर हुआ एहसास
'इश्क़ इन्सान की ज़रूरत है
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