ख़ुदा से हर घड़ी रो रो के हम फ़रियाद करते हैं
तुम्हारी याद से ना शाद दिल को शाद करते हैं
हैं जितनी बस्तियाँ आबाद वो बर्बाद करते हैं
जो हैं बर्बाद हम वो बस्तियाँ आबाद करते हैं
अगर बाद-ए-सबा गुज़रे जो कू-ए-यार से होकर
उन्हें पैग़ाम दे देना उन्हें हम याद करते हैं
ख़ुदा का शुक्र करके तुम मुबारकबाद दो आओ
तुम्हारे 'इश्क़ में लो ख़ुद को हम फ़रहाद करते हैं
ख़ुदा के सबसे अच्छे बंदे वो ही हैं शजर ज़ैदी
ख़ुदा के नाम पे जो लोगों की इमदाद करते हैं
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