jab bhi dil beqaraar hota hai | जब भी दिल बेक़रार होता है

  - Aamir Rahmati

जब भी दिल बेक़रार होता है
शोर अंदर हज़ार होता है

ढाँप लेते हैं ऐब सारे ही
जिसको भी उन सेे प्यार होता है

ऐ सनम तेरे इक तग़ाफ़ुल पर
दिल मिरा तार तार होता है

देख कर तेरे इस तबस्सुम को
गुल में तब्दील ख़ार होता है

ये मुहब्बत है क्या के फिर होगी
'इश्क़ है एक बार होता है

तल्ख़ लहजा ज़रा सँभालो तुम
दिल के ये आर पार होता है

बुत-परस्तों का देखिए 'आमिर'
यार परवर-दिगार होता है

  - Aamir Rahmati

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