Aamir Rahmati

Aamir Rahmati

@aamirrahmati275

Aamir Rahmati shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Aamir Rahmati's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

वो पहली मुलाक़ात भला कैसे मैं भूलूँ देखा जो तुझे दिल ने कहा सब सेे अलग है — Aamir Rahmati
पहले था ख़ुदा का घर जिस मकान में तुम हो — Aamir Rahmati
दुनिया आदम को बुरी क्यूँँ लग रही थी उस ने जब दिल से निकाला तो मैं समझा — Aamir Rahmati
ये काम ज़ाहिदों के मैं ख़िलाफ़ कर रहा हूँ सनम के घर का मुसलसल तवाफ़ कर रहा हूँ — Aamir Rahmati

Ghazal

आशिक़ों से ये न पूछो कि वो क्या कहते हैं वो तो चेहरे की ज़ियारत को शिफ़ा कहते हैं आप को छुप के वही लोग बुरा कहते हैं आप ही जिन को मिरे आगे भला कहते हैं आप को आज जो भी अपना सगा कहते हैं देखना कल वही तक़रीर में क्या कहते हैं जिस्म का मौत से तो कोई तअल्लुक़ ही नहीं रूह मरने को मिरे दोस्त क़ज़ा कहते हैं उस का दर्शन भी ज़रूरी है इसी दुनिया में साँस दर साँस जिसे आप ख़ुदा कहते हैं उस को देखे जो कोई होश गँवा देता है इस लिए लोग उसे होश-रुबा कहते हैं इस ज़बाँ का है दु'आओं से तअल्लुक़ कैसा दिल से निकले उसे हम लोग दुआ कहते हैं कौन किरदार यहाँ देखता है अब 'आमिर' लोग चेहरे की चमक को ही अदा कहते हैं — Aamir Rahmati