जब भी दिल बेक़रार होता है
शोर अंदर हज़ार होता है
ढाँप लेते हैं ऐब सारे ही
जिसको भी उन सेे प्यार होता है
ऐ सनम तेरे इक तग़ाफ़ुल पर
दिल मिरा तार तार होता है
देख कर तेरे इस तबस्सुम को
गुल में तब्दील ख़ार होता है
ये मुहब्बत है क्या के फिर होगी
'इश्क़ है एक बार होता है
तल्ख़ लहजा ज़रा सँभालो तुम
दिल के ये आर पार होता है
बुत-परस्तों का देखिए 'आमिर'
यार परवर-दिगार होता है
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