patthar se takraayega sar aur hogaa kya | पत्थर से टकराएगा सर और होगा क्या

  - Aatish Indori

पत्थर से टकराएगा सर और होगा क्या
'इश्क़ के खेल में जाऊँगा मर और होगा क्या

आईना तो दिखला कर जाऊँगा उसको
होगा नहीं वो मुझे मुयस्सर और होगा क्या

साथ हसीं चेहरों के रहना है मुझ को तो
दिल मेरा भी होगा पत्थर और होगा क्या

छोड़ो मेरी चिंता जाना है तो जाओ
बन जाऊँगा मैं भी क़लंदर और होगा क्या

तेरे बिन मुश्किल है लेकिन कोशिश कर लूँ
होगा नहीं मुकम्मल मंज़र और होगा क्या

  - Aatish Indori

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