jaan yuñ hi fana nahin karte | जान यूँँ ही फ़ना नहीं करते

  - Ajeetendra Aazi Tamaam

जान यूँँ ही फ़ना नहीं करते
दुश्मनों का भला नहीं करते

आदतन जो हैं वो ही रहते हैं
लोग कुछ भी नया नहीं करते

जिनकी फ़ितरत में बेवफ़ाई हो
वो कभी भी वफ़ा नहीं करते

ताक पे रखते हैं अना तक दिल
हम रफ़ाक़त को क्या नहीं करते

रोज़ खाते हैं क़स
में वो हम सेे
पर हमारा कहा नहीं करते

जो नहीं मानते ख़ता अपनी
वो किसी के हुआ नहीं करते

ख़ासियत है ये धोकेबाज़ों की
सामने से दग़ा नहीं करते

सच बताकर तमाम झूठे लोग
झूठ को बे-मज़ा नहीं करते

  - Ajeetendra Aazi Tamaam

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