ख़ुद को बेदार करना होता है
कुछ अलग यार करना होता है
जिस्म से रूह से मोहब्बत से
सब से मिस्मार करना होता है
सिर्फ़ मुश्किल खड़ी नहीं करना
राह हम-वार करना होता है
यार जाने से क़ब्ल रोक मुझे
ख़ुद को तैयार करना होता है
— Afzal Sultanpuri
कुछ अलग यार करना होता है
जिस्म से रूह से मोहब्बत से
सब से मिस्मार करना होता है
सिर्फ़ मुश्किल खड़ी नहीं करना
राह हम-वार करना होता है
यार जाने से क़ब्ल रोक मुझे
ख़ुद को तैयार करना होता है
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