बंदा जब बद-हवा से हो जाएइश्क़ फिर बे-लिबास हो जाएडर के मारे ही मर वो जाएगामौत जब आस पास हो जाएआरज़ू है तुम्हारा साथ मिलेक्या ही पूरी ये आस हो जाए— Afzal Sultanpuri