तुम ने देखी हैं कभी ग़ौर से आँखें उस कीतय किया है कभी इक बार में मीलों का सफ़रचाँदनी रात में रखते नहीं लहरों का भरमचाँदनी रात में करते नहीं झीलों का सफ़र— Ankit Yadav