चलेगा तुम्हारा बहाना नहीं
बता दो कि कुछ भी छुपाना नहीं
वो आए अचानक से मिलने हमें
ख़ुशी का हमारी ठिकाना नहीं
ज़रा सी भी शर्म-ओ-हया हो अगर
कभी हम से नज़रें मिलाना नहीं
न समझो तुम अपना ठिकाना इसे
है 'अंबर' कोई आशियाना नहीं
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