meri tahzeeb kii rag rag men ravaan hai urdu | मेरी तहज़ीब की रग रग में रवाँ है उर्दू

  - A R Sahil "Aleeg"

मेरी तहज़ीब की रग रग में रवाँ है उर्दू
फ़ख़्र है इस पे मुझे अपनी ज़बाँ है उर्दू

मीर का अक्स है ग़ालिब का बयाँ है उर्दू
चीर के देखिये दिल आप यहाँ है उर्दू

हर निशाने पे सलीक़े से ये करती है वार
तीर अल्फ़ाज़ हैं और उनकी कमाँ है उर्दू

जिन के हाथों ने छुए ही न हों क़िर्तास-ओ-क़लम
उनको मालूम भी क्या होगा कहाँ है उर्दू

मुद्दतें बीत गईं फिर भी नज़ाकत न गई
अब भी लगता है कि कमसिन है जवाँ है उर्दू

उसके होठों पे मुहब्बत के तराने हैं अभी
उसकी मदमस्त निगाहों से अयाँ है उर्दू

हम हैं 'साहिल' कि हमें सिर्फ़ मुहब्बत है पसंद
अपने जज़्बात का अंदाज़-ए-बयाँ है उर्दू

  - A R Sahil "Aleeg"

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