मेरी इन आँखों से हर अश्क उतारने के लिएबस इक ही ग़म लगा 'उम्रें गुज़ारने के लिएकई लिबास मेरे पास हैं सँवरने कोमगर मिला नहीं कुछ मन सँवारने के लिए— Bhuwan Singh