ज़िंदगी में सब पराए हैं करें क्या
ज़ख़्म सबने ही दबाए हैं करें क्या
हम सेे पूछो मत हमारी नौकरी तुम
हमने दुश्मन ही कमाए हैं करें क्या
क़त्ल करने वाले अपने लग रहे थे
ज़हर देकर मुस्कुराए हैं करें क्या
रस्ता मिलता ही नहीं है निकले कैसे
जाल दर पर ही बिछाए हैं करें क्या
कामयाबी देखकर ही सब ख़फ़ा है
हमने इतने दिल दुखाए हैं करें क्या
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