Meaning of

क़त्अ

qat'a • قطع

खंड; टुकड़ा; हिस्सा; शेर

fragment; section; piece; stanza

ٹکڑا; حصہ; قطعہ; بند

Arabic

क़त्अ कीजे न तअल्लुक़ हम से कुछ नहीं है तो अदावत ही सही — Mirza Ghalib
मैं हूँ तुम हो तुम हो मैं हूँ दुनिया से क्या नाता है गीत ग़ज़ल के हर मक़्ते में नाम तुम्हारा आता है — Krishnavat Ritesh
किताब-ए-इश्क़ में हर आह एक आयत है पर आँसुओं को हुरूफ़‌‌‌‌-ए-मुक़त्तिआ'त समझ — Umair Najmi
क्यूँ आ जाते हो सीधे मक़्ते पर पहले थोड़ा काम करो मतले पर — Saahir
कोई मुझ सा सानी मिल जाएगा तुम को मक़्ता कह के फिर ख़त्म ग़ज़ल कर दी उस ने — Irshad Siddique "Shibu"
ऐसे भी लोग हैं यहाँ जो अपने नाम से महफ़िल में पढ़ के आ गए मक़्ता मजाज़ का — Gaurav Singh
पता है सब, तू इक तज़मीन मिसरा है ग़ज़ल तो कह दिया, मक़्ता नहीं कहना — A R Sahil "Aleeg"

मूल रूप से 'क़त्अ' का अर्थ टुकड़ा या खंड होता है, जो साहित्य में अक्सर कविता के एक हिस्से या शेर को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। कविता में, यह कुछ पंक्तियों में विचार या भावना का सार पकड़ता है, कवि की दुनिया की एक झलक पेश करता है।

कवि 'क़त्अ' का उपयोग जटिल भावनाओं को संक्षिप्त अभिव्यक्तियों में संजोने के लिए करते हैं। यह एक स्वतंत्र टुकड़े के रूप में कार्य करता है जो एक संपूर्ण विचार या भावना को व्यक्त कर सकता है। अक्सर किसी विशेष विषय या क्षण को उजागर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

'क़त्अ' अपनी संक्षिप्तता में गहन चिंतन को उकसाने की शक्ति रखता है। यह संक्षिप्त अभिव्यक्ति की सुंदरता का प्रमाण है।