Meaning of

क़ब्ल

qabl • قبل

पहले; पूर्व

before; prior

پہلے; قبل

Arabic

दुनिया में अा के फँस गया हूँ इस तरह से मैं मछली फंसी हुई हो कोई जैसे जाल में — Ankit Maurya
मेरा साथ अभी तू दे दे मुस्तकबिल ये हाल से बोले — Reshma Shaikh
सब छतों पे उसी के मकाँ की तरफ़ देखने आते थे शहर क्या छोड़ा उस शख़्स ने सब को क़िबला बदलना पड़ा — Raj
इशारा है ख़ुदा का एक दूजे के लिए हैं हम दुपट्टा तेरा यूँँ नईं फँस रहा मेरी घड़ी में जान — Kartik tripathi
माज़ी इक लंबी सियाह परछाई है मुस्तकबिल में दूर तलक तन्हाई है — Pawan Kumar
ब-मंज़िल पर हूँ मगर ये मकाँ मंज़िल नहीं लगता सफ़र को भी मिरा अब कोई मुस्तक़बिल नहीं लगता — Hasan Raqim
बिछड़ना ही था मुस्तकबिल हमारा उसे इस बात पे होता रहा रँज — Kush Pandey ' Saarang '
यही है ख़्वाब मुस्तक़बिल बने तू ही हमारा अब अकेला सिर्फ़ दिल मेरा सहारा हो नहीं सकता — Sagar Sahab Badayuni
अहदे माज़ी में थे ग़ालिब, दोस्तों देखो ज़रा नाम अपना भी कहीं पर दर्ज मुस्तक़बिल में है — Altaf Iqbal

'क़ब्ल' शब्द समय के उस हिस्से को दर्शाता है जो वर्तमान से पहले था। कविता में, यह अक्सर बीते हुए पलों और उनसे जुड़ी भावनाओं की याद दिलाता है।

'क़ब्ल' का उपयोग कवि बीते समय की यादों को जगाने के लिए करते हैं। यह अतीत की लालसा या जो कभी था उस पर चिंतन को दर्शा सकता है।

अपने सार में, 'क़ब्ल' अतीत का एक पुल है, समय की निरंतरता की एक कोमल याद दिलाता है।