Meaning of

क़सूर

qasoor • قصور

दोष; पाप; गलती

fault; sin; mistake

قصور; گناہ; غلطی

Arabic

साथ छोड़ा तुम ने तो क़ुसूर मेरा ही तो है
पेड़ सूख जाए तो परिंदे मिलते ही नहीं

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तेरी आँखों का कुछ क़ुसूर नहीं
हाँ मुझी को ख़राब होना था

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ले कर ख़ुदा का नाम जो इक बे-क़ुसूर को
शैतान कह रहा है ये शैतान कौन है

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उसी का शहर वही मुद्दई वही मुंसिफ़
हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा

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उसी का शहर वही मुद्दई वही मुंसिफ़
हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा

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क़ुसूर हो तो हमारे हिसाब में लिख जाए
मोहब्बतों में जो एहसान हो तुम्हारा हो

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गर मानते हैं आप भी मुझ को कसूरवार
मेरे खिलाफ़ आप भी पत्थर उठाइए

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मेरी जाने जाँ ये तेरे चेहरे पे जो नूर है
जान मेरी सब दु'आओं का ही ये क़ुसूर है

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गुनहगार तो पहुंच से बहुत दूर थे
सज़ा उन्हें मिली जो बेकुसूर थे

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मैं न तो कसूरवार था ना बे-गुनाह ही
हाँ मैं भी तमाशबीन भीड़ का ही हिस्सा था

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साथ छोड़ा तुम ने तो क़ुसूर मेरा ही तो है
पेड़ सूख जाए तो परिंदे मिलते ही नहीं

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तेरी आँखों का कुछ क़ुसूर नहीं
हाँ मुझी को ख़राब होना था

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'क़सूर' का मूल अर्थ दोष या गलती है, जो अक्सर नैतिक भार के साथ आता है। कविता में यह मानव की त्रुटियों और अपराधबोध के बोझ को दर्शाने के लिए विस्तारित हुआ है।

कवियों ने 'क़सूर' का उपयोग प्रायश्चित और पछतावे के विषयों को गहराई से समझने के लिए किया है। यह मासूमियत और पवित्रता के विपरीत मानव स्थिति को उजागर करता है।

कविता में 'क़सूर' आत्मा के अपने अपूर्णताओं के संघर्ष का दर्पण बन जाता है।