Meaning of

कुर्बान

qurbaan • قربان

बलिदान; समर्पण

sacrifice; devotion

قربانی; وفاداری

Arabic

मेरी मुश्किल को भी आसान किया है मुझ पर
अपनी मेहनत को भी क़ुर्बान किया है मुझ पर

मेरे हाथों में सलीक़े से क़लम पकड़ा कर
मेरे उस्ताद ने एहसान किया है मुझ पर

9

Download Image

नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ
उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी

मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है
उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी

183

Download Image

काम आया तिरंगा कफ़न के लिए
कोई क़ुर्बां हुआ था वतन के लिए

सोचो क्या कर लिया तुम ने जी कर के दोस्त
नस भी काटी तो बस इक बदन के लिए

70

Download Image

है आप के होंटों पे जो मुस्कान वग़ैरा
क़ुर्बान गए उस पे दिल ओ जान वग़ैरा

32

Download Image

मैं न छोड़ूँगा ज़मीं इस मुल्क हिंदुस्तान की
ज़िंदा ये ईमान है मेरे वतन तेरे लिए

दिल फ़िदा है सब फ़िदा है नाम हिंदुस्तान पर
जान भी क़ुर्बान है मेरे वतन तेरे लिए

17

Download Image

मुँह फेर कर वो कहते हैं बस मान जाइए
इस शर्म इस लिहाज़ के क़ुर्बान जाइए

17

Download Image

तू उस निगाह से पी वक़्त-ए-मय-कशी 'ताबाँ'
की जिस निगाह पे क़ुर्बान पारसाई हो

15

Download Image

जान मुझ पर भी जो क़ुर्बान किया करता है
वो न मुझ पर कभी एहसान किया करता है

15

Download Image

माँ-बाप, बहन-भाई, सब दोस्त, मुहब्बत तुम
सपनों के लिए रिश्ते कुर्बान नहीं करना

12

Download Image

कर दिया क़ुर्बान इक ख़्वाहिश मियाँ
दुश्मन-ए-जाँ अब मनाओ जश्न तुम

11

Download Image

मेरी मुश्किल को भी आसान किया है मुझ पर
अपनी मेहनत को भी क़ुर्बान किया है मुझ पर

मेरे हाथों में सलीक़े से क़लम पकड़ा कर
मेरे उस्ताद ने एहसान किया है मुझ पर

9

Download Image

नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ
उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी

मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है
उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी

183

Download Image

'कुर्बान' शब्द एक गहरी भावना को प्रकट करता है, जिसमें किसी उद्देश्य या प्रिय के लिए खुद को समर्पित करना शामिल है। अपने मूल अर्थ में, यह एक भौतिक या आध्यात्मिक अर्पण को दर्शाता है। कविता ने इस शब्द को प्रेम, निष्ठा और आत्म-त्याग के अंतिम कृत्य की खोज के लिए अपनाया है।

कवियों ने 'कुर्बान' का उपयोग अक्सर प्रेम की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए किया है। यह अंतिम समर्पण का रूपक है। यह शब्द स्वार्थ के विचारों के विपरीत है, जो व्यक्ति की नीयत की पवित्रता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'कुर्बान' प्रेम और बलिदान की शक्ति का प्रमाण है। यह एक ऐसा शब्द है जो दिल की गहरी इच्छाओं के साथ गूंजता है।