Meaning of

कुर्बान

qurbaan • قربان

बलिदान; समर्पण

sacrifice; devotion

قربانی; وفاداری

Arabic

है आप के होंटों पे जो मुस्कान वग़ैरा क़ुर्बान गए उस पे दिल ओ जान वग़ैरा — Anwar Masood
मुँह फेर कर वो कहते हैं बस मान जाइए इस शर्म इस लिहाज़ के क़ुर्बान जाइए — Bekhud Dehelvi
जान मुझ पर भी जो क़ुर्बान किया करता है वो न मुझ पर कभी एहसान किया करता है — Danish Balliavi
कर दिया क़ुर्बान इक ख़्वाहिश मियाँ दुश्मन-ए-जाँ अब मनाओ जश्न तुम — Shubham Rai 'shubh'
तू उस निगाह से पी वक़्त-ए-मय-कशी 'ताबाँ' की जिस निगाह पे क़ुर्बान पारसाई हो — Anwar Taban
माँ-बाप, बहन-भाई, सब दोस्त, मुहब्बत तुम सपनों के लिए रिश्ते कुर्बान नहीं करना — Prashant Sitapuri

'कुर्बान' शब्द एक गहरी भावना को प्रकट करता है, जिसमें किसी उद्देश्य या प्रिय के लिए खुद को समर्पित करना शामिल है। अपने मूल अर्थ में, यह एक भौतिक या आध्यात्मिक अर्पण को दर्शाता है। कविता ने इस शब्द को प्रेम, निष्ठा और आत्म-त्याग के अंतिम कृत्य की खोज के लिए अपनाया है।

कवियों ने 'कुर्बान' का उपयोग अक्सर प्रेम की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए किया है। यह अंतिम समर्पण का रूपक है। यह शब्द स्वार्थ के विचारों के विपरीत है, जो व्यक्ति की नीयत की पवित्रता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'कुर्बान' प्रेम और बलिदान की शक्ति का प्रमाण है। यह एक ऐसा शब्द है जो दिल की गहरी इच्छाओं के साथ गूंजता है।