Meaning of

गुफ़्ता

guftaa • گفتہ

बोला गया; कहा गया

spoken; said

بولا گیا; کہا گیا

Persian

गिराँ थी क़ल्ब-ए-मुफ़क्किर पे खोखली गुफ़्तार
इसी लिए तो न ताख़ीर तक चली गुफ़्तार

हम अपने दिल का शग़ब दिल में रख के लौट गए
कि कर के ख़ुश थे अहिब्बा सड़ी गली गुफ़्तार

0

Download Image

तनक़ीद न तक़रार बड़ी देर से चुप हैं
हैरत है मेरे यार बड़ी देर से चुप हैं

गूँगों को तकल्लुक़ के मवाक़े हैं मुयस्सर
हम माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं

33

Download Image

ये नदी वर्ना तो कब की पार थी
मेरे रस्ते में अना दीवार थी

आप को क्या इल्म है इस बात का
ज़िंदगी मुश्किल नहीं दुश्वार थी

थीं कमानें दुश्मनों के हाथ में
और मेरे हाथ में तलवार थी

जल गए इक रोज़ सूरज से चराग़
रौशनी को रौशनी दरकार थी

आज दुनिया के लबों पर मुहर है
कल तलक हाँ साहब-ए-गुफ़्तार थी

13

Download Image

हम से गुफ़्तार क्यूँँ नहीं करती?
वो हमें प्यार क्यूँँ नहीं करती?

है मोहब्बत अगर उसे भी तो
फिर वो इज़हार क्यूँँ नहीं करती?

6

Download Image

भले ही तल्ख़ हो कितनी भी ये गुफ़्तार की रफ़्तार
मगर नफ़रत के आगे कब थमी है प्यार की रफ़्तार

तख़य्युल ने दिखाई वो अजब तेज़ी बिछड़ते वक़्त
मेरी नज़रों से कम निकली तुम्हारी कार की रफ़्तार

4

Download Image

फूल से जब-जब भी बातें होती है
मेरा चेहरा तब शगुफ़्ता होता है
इश्क़ के मैदान में सब मिलते हैं
और सबके साथ धोखा होता है

1

Download Image

जनाब-ए-मीर के लहजे की नाज़ुकी की तरह
तुम्हारे लब हैं गुलाबों की पंखुड़ी की तरह

शगुफ़्ता चेहरा ये ज़ुल्फ़ें ये नर्गिसी आँखें

तेरा हसीन तसव्वुर है शा'इरी की तरह

1

Download Image

ऐसे शगुफ़्ता रंग गुज़िश्ता कभी न था
मैं फूल था मगर तेरे दर का कभी न था

इतना तेरे दयार से मुझ को अता हुआ
इतना नसीब ने मेरे सोचा कभी न था

0

Download Image

तेरी रफ़्तार गुफ़्‍तार के शोख़ क़िस्से क़लम कर लिए
तेरी बख़्शी हुई नेमतों में तेरा ग़म अकेला रहा

0

Download Image

हर एक ज़ाविए से वो बदन शगुफ़्ता है
मुझे ये डर है कि मुरझा न जाए छूने से

0

Download Image

गिराँ थी क़ल्ब-ए-मुफ़क्किर पे खोखली गुफ़्तार
इसी लिए तो न ताख़ीर तक चली गुफ़्तार

हम अपने दिल का शग़ब दिल में रख के लौट गए
कि कर के ख़ुश थे अहिब्बा सड़ी गली गुफ़्तार

0

Download Image

तनक़ीद न तक़रार बड़ी देर से चुप हैं
हैरत है मेरे यार बड़ी देर से चुप हैं

गूँगों को तकल्लुक़ के मवाक़े हैं मुयस्सर
हम माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं

33

Download Image

गुफ़्ता बोले गए शब्दों के सार को दर्शाता है, जो व्यक्त किए गए भावों का भार उठाता है। कविता में, यह एक बार बोले गए शब्दों की स्थायित्व को दर्शाता है, भाषण के स्थायी प्रभाव को।

कवि अक्सर 'गुफ़्ता' का उपयोग बोले गए शब्दों की शक्ति और स्थायित्व पर विचार करने के लिए करते हैं। यह अतीत की बातचीत की गूंज, जो कहा गया है उसकी बनी रहने वाली उपस्थिति को जागृत कर सकता है।

गुफ़्ता हमें शब्दों की स्थायी प्रकृति की याद दिलाता है, जो समय और स्मृति के माध्यम से गूंजता है।